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PRIs का प्रशिक्षण

निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं कर्मियों के क्षमता निर्माण हेतु प्रशिक्षण, तथा अन्य क्षमतावर्द्धन के कार्यक्रम

 

पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों/कर्मियों का प्रशिक्षण वर्ष 2006 के चुनाव के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों और कर्मियों को वर्ष 2010 में एक साथ प्रखंड स्तर पर आयोजित किया गया था। चार वाल्यूम में प्रशिक्षण सामग्री तैयार की गई थी। इस प्रशिक्षण हेतु 119 मास्टर प्रशिक्षक एवं 1682 जिला प्रशिक्षकों का चयन कर उन्हें 60 दिन का आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। और उनके सहयोग से अन्तर्गत लगभग एक लाख प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। इस बार चुनाव वर्ष 2011 में जून-जुलाई तक सम्पन्न हुआ। निर्वाचित प्रतिनिधियों और कर्मियों को चुनावार यथाशीघ्र उच्च गुणवत्ता और बेहतर अनुश्रवण और पर्यवेक्षण के अधीन प्रशिक्षण दिये जाने के सघन रूप से कई दिशा में प्रयास चल रहे हैं। प्रशिक्षण का आयोजन इस बार मुख्य रूप से जिला में एवं अतिरिक्त रूप से प्रखंडों पर भी, और जिला परिषद्, पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत के लिए अलग-अलग जिससे हर के लिए उनके उपयुक्त प्रशिक्षण का विशिष्ट फोकस रहे, दिये जाने की तैयारी की जा रही है। इसमें लगभग 1 लाख 28 हजार निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना है। इसमें विभाग के अन्तर्गत कार्यरत यू0एन0डी0पी0- सी0डी0एल0जी0 कोषांग का योगदान रहा था। वर्ष 2010 में प्रशिक्षण हेतु तैयार की गई प्रशिक्षण सामग्री में कतिपय महत्वपूर्ण परिवर्तन कर उसे और प्रभावशाली बनाये जाने की आवश्यकता थी। साथ ही उसमें विकास कार्यक्रमों की जानकारी को भी अद्यतन कर लिया जाना आवश्यक था, क्योंकि पूर्व की प्रशिक्षण साम्रगी में शामिल विभिन्न विभागों की कई योजनाओं का या तो स्वरूप बदल गया था, या फिर कुछ योजनाओं को समाप्त कर दिया गया था। और कुछ नई योजनाएँ प्रारम्भ हो चुकी थी।
उपरोक्त को अपेक्षित गुणवत्ता से संपन्न कराने हेतु राज्य सरकार के करीब 13 प्रमुख विभागों से करीब 103 विभिन्न विकास और समाजिक कल्याण तथा सुरक्षा से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों के अद्यतन नीति, मार्गदर्शिकाए, परिपत्र आदि प्रशिक्षण उपलब्ध किये गये। इनका अध्ययन कर इन्हें सरल और ग्राह्य रूप में परिवर्तित करने हेतु हर के संबंध में संक्षिप्त सामग्रियों को स्वतंत्र रूप से तैयार किया गया।
उक्त रूप से तैयार अद्यतन विकास संबंधी प्रशिक्षण सामग्री को पुनः हर संबंधित विभागों को सत्यापन हेतु विभागीय पत्र संख्या-100 दिनांक-05.01.2012 द्वारा भेजा गया। संबंधित विभागों से सत्यापन के क्रम में प्राप्त अतिरिक्त सुझावों के आलोक में पुनः निर्मित प्रशिक्षण सामग्री को संशोधित किया गया। तत्पश्चात उन्हें प्रशिक्षण माड्यूल में समावेशित करने का कार्य किया गया।
प्रशिक्षण सामग्री के परिमार्जन और अद्ययतीकरण के कार्य के साथ-साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एम0आर0पी0 एवं डी0आर0पी0 को समुचित प्रशिक्षण देकर तैयार करने की कार्रवाई भी सघन रूप से की जा रही थी। इस क्रम में चरणबद्ध तरीके से उपयुक्त एम0आर0पी0 एवं डी0आर0पी0 को जिला स्तर से चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है, जिस क्रम में राज्य स्तर पर बिपार्ड में 37 एम0आर0पी0 तथा जिला स्तर पर करीब 1000 डी0आर0पी0 को प्रशिक्षित कर तैयार कर लिया गया है। डी0आर0पी0 के प्रशिक्षण में गुणवत्ता पर नजर रखने और मूल्यांकन करने के लिए पहली बार स्वतंत्र पर्यवेक्षक की व्यवस्था भी की गई। तैयारी के इन महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न किये जाने के बाद अब परिमार्जित और अद्यतन की गई प्रशिक्षण सामग्री के करीब 4.50 लाख प्रतिया मुद्रित कराने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की जा रही है। साथ ही समानान्तर रूप से जिलों में करीबन 1.28 लाख चुने हुये निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण हेतु इस बार जिला मुख्यालय के स्तर पर करीब 190 हाल और प्रखण्ड के स्तर पर करीब 1000 हाल चिन्हित कर उच्चस्तरीय पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के साथ इन्हें प्रशिक्षण देने हेतु विस्तृत और सुनियोजित एक्सन प्लान की तैयार भी अंतिम चरण में है।
करीब 1.28 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों और कर्मियों को प्रशिक्षण एक अत्यंत व्यापक कार्य है। इसे अपेक्षित गुणवत्ता से प्रभावी रूप से दिया जाये इस हेतु उपरोक्त वर्णित सुनियोजित तैयारी आवश्यक है। विभिन्न तैयारी के कार्यो के वृहत स्वरूप के बावजूद चूकि सघन प्रयास से वे अपने अंतिम चरण में है, अतः सरकार शीघ्र ही नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान देने जा रही है।