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बी0आर0जी0एफ

पिछडा क्षेत्र अनुदान कोष

(बी0आर0जी0एफ)

पिछडा क्षेत्र अनुदान कोष के अंतर्गत जिलो में त्रिस्तरीय पंचायतों (एवं नगर निकायों) द्वारा सहभागिता पूर्ण तरीके से तैयार की गई योजनाओं को समन्वित कर प्रत्येक जिला के लिए जिला योजना तैयार की जाती है। इस जिला योजना पर संबंधित जिला की जिला योजना समिति के अनुमोदनोपरांत भारत सरकार से प्राप्त विकास अनुदान को जिले की त्रिस्तरीय पंचायतों (एवं नगर निकायों) को उनकी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

विकास अनुदान का वितरण प्रत्येक जिले की त्रिस्तरीय पंचायतों (एवं नगर निकायों) को उनकी जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों एवं जिला परिषदों के बीच क्रमशः 70:20:10के अनुपात में वितरित किया जाता है। कार्यक्रम के शुरूआत वर्ष 2007-08 से अभी तक त्रिस्तरीय पंचायतों (एवं नगर निकायों) को काफी बड़ी राशि, करीब 25.70 अरब रु0 उनके स्वयं के बनाये योजनाओं के कार्यान्वयन के लिये उपलब्ध कराये हैं, जो पंचायती राज व्यवस्था के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इस संसाधन से इन वर्षों में करीब 90,000 स्कीमों का कार्यान्वयन हुआ है, जिनमें गाँव की गली-नाली का पक्कीकरण, पेयजल की सुविधा, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, स्ट्रीट लाईटींग, सिंचाई के छोटे स्थानीय साधन, चबुतरा, ग्रामीण सड़क, आदि का निर्माण के स्थानीय विकास की आवश्यकताओं को पूरा किया गया है।

कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2007-08 से राशि उपलब्ध करायी जा रही है, परन्तु वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वर्ष 2010-11 में राज्य के सभी बी॰आर॰जी॰एफ॰ जिलों के लिए कुल 602.99 करोड़ रू॰ की कर्णांकित राशि पहली बार इसी वित्तीय वर्ष में तो प्राप्त की ही गयी, वर्ष 2009-10 का कुल 105.92 करोड़ रू॰ की शेष राशि भी प्राप्त की गयी। इस तरह वित्तीय वर्ष 2010-11 में कुल 708.91 करोड़ रू॰ की राशि प्राप्त हुई।

वर्ष 2011-12 के प्रारम्भ से जून, 2011 तक पंचायत आम निर्वाचन, 2011 में राज्य मशीनरी की व्यस्तता के कारण बी॰आर॰जी॰एफ॰ जिलों की वार्षिक योजनाओं को ससमय भारत सरकार को उपलब्ध कराना एक गम्भीर चुनौती थी। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के निदेशानुसार बी॰आर॰जी॰एफ॰ जिलों की वर्ष 2007-08 से 2009-10 तक के सभी प्रतिवेदनों को वित्तीय वर्षवार संशोधित भी किया जाना था। पूर्व में यह प्रतिवेदन भारत सरकार के निदेशानुसार योजना वर्षवार उपलब्ध कराये गये थे। परन्तु विभाग द्वारा इस दिशा में किये गये गहन प्रयास के फलस्वरूप सभी जिलों की वार्षिक योजनाएँ भारत सरकार को उपलब्ध करा दी गयी है। उक्त के आलोक में बी॰आर॰जी॰एफ॰ जिलों के लिए वर्ष 2011-12 की वार्षिक योजना के लिए कुल 652.05 करोड़ रू॰ के विरूद्ध भारत सरकार से प्रथम किस्त के रूप में कुल 408.58 करोड़ रू॰ प्राप्त हुए है। यह राशि संबंधित जिलों की पंचायत राज संस्थाओं एवं नगर निकायों को उपलब्ध करायी गयी है।